Saturday, April 20, 2013


रिक्त दोन्ही कर   कांखा दोन्ही वर

ऐसा मुक्तेश्वर    हसरा बुद्ध

सकल संस्कार    उपाधि व्यापार

केले ज्याने पार   हसरा बुद्ध

गत देहभान      तीर्ण धर्म-ध्यान

स्वये आत्मज्ञान   हसरा बुद्ध

वीतरागद्वेष       वीतसर्वक्लेश

आनन्दउन्मेष      हसरा बुद्ध

 

 

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