रिक्त
दोन्ही
कर
कांखा दोन्ही वर
ऐसा
मुक्तेश्वर हसरा बुद्ध
सकल
संस्कार उपाधि व्यापार
केले
ज्याने
पार हसरा बुद्ध
गत
देहभान तीर्ण धर्म-ध्यान
स्वये
आत्मज्ञान हसरा बुद्ध
वीतरागद्वेष वीतसर्वक्लेश
आनन्दउन्मेष हसरा बुद्ध
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